BJANA और NOBA GSR का सराहनीय प्रयास, 300 से अधिक छातों के वितरण अभियान की शुरुआत!

लखनऊ। भीषण गर्मी और तेज धूप से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से NOBA GSR द्वारा 300 से अधिक छातों के वितरण का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत लखनऊ, बिहार, झारखंड और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को छाते वितरित किए जाएंगे। अभियान को BJANA (Bihar Jharkhand Association of North America) का वित्तीय सहयोग प्राप्त है।
कार्यक्रम में NOBA GSR के सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष जवाहर लाल ने स्वयं लाभार्थियों को छाते वितरित किए और उनसे संवाद किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है।
उन्होंने कहा, “एक छाता भले ही छोटी वस्तु लगे, लेकिन तेज धूप में पूरे दिन काम करने वाले व्यक्ति के लिए यह बेहद उपयोगी है। हमारा प्रयास केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है।”
जवाहर लाल ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए BJANA और उसकी अध्यक्ष प्रीति कश्यप का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से ऐसे सेवा कार्यों का प्रभाव और दायरा दोनों बढ़ता है।
मेहनतकश वर्ग को मिलेगी राहत
देशभर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच दैनिक मजदूरों, जूस विक्रेताओं, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों, सफाई कर्मचारियों और निर्माण श्रमिकों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों की सहायता के लिए NOBA GSR ने स्थानीय स्वयंसेवकों के माध्यम से जरूरतमंद लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सम्मानपूर्वक छाते वितरित करने का निर्णय लिया।
स्वयंसेवकों की अहम भूमिका
लखनऊ, बिहार, झारखंड और दिल्ली में कार्यरत स्वयंसेवकों ने लाभार्थियों की पहचान, वितरण व्यवस्था और स्थानीय समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था का मानना है कि समाज की समस्याओं का समाधान सामुदायिक भागीदारी से ही संभव है।
वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने खुशी जताते हुए कहा कि यह छाता उनके लिए केवल धूप से बचाव का साधन नहीं, बल्कि उनके रोज़गार को सुरक्षित और सहज बनाने वाला सहयोग है।
प्रीति कश्यप ने की पहल की सराहना
BJANA की अध्यक्ष प्रीति कश्यप ने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सम्मानपूर्वक सहायता पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि BJANA का उद्देश्य केवल प्रवासी समुदाय को जोड़ना नहीं, बल्कि अपने मूल समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज सेवा में योगदान दे, तो अनेक सामाजिक चुनौतियों का समाधान संभव है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
NOBA GSR और BJANA ने बताया कि यह अभियान केवल छाता वितरण तक सीमित नहीं है। दोनों संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से कार्य करती रही हैं।
संस्था के अनुसार आने वाले दिनों में लखनऊ, बिहार, झारखंड और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से छाता वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
300 से अधिक छातों के वितरण का यह अभियान मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
“एक छोटा सा छाता केवल धूप से बचाव का साधन नहीं, बल्कि यह इस विश्वास का प्रतीक है कि समाज अपने जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा है।”




