LDA के ध्वस्तीकरण आदेश कागज़ों तक सीमित! अवैध निर्माण पर कार्रवाई सुस्त, सुनवाई के फेर में अटके हजारों मामले!

लखनऊ: राजधानी में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा बड़ी संख्या में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, LDA की फाइलों में 8030 से अधिक ध्वस्तीकरण आदेश दर्ज हैं, जबकि शहर में अवैध निर्माण पहले की तरह जारी हैं।
जानकारी के मुताबिक, ध्वस्तीकरण के आदेश जारी होने के बाद भी भवन स्वामी अदालतों का रुख कर लेते हैं, जिससे मामले लंबे समय तक सुनवाई में उलझे रहते हैं। नोटिस, जवाब, स्टे ऑर्डर और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते कार्रवाई वर्षों तक अटक जाती है। यही वजह है कि कई स्थानों पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से पूरे हो जाते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शहर में करीब 280 जर्जर भवन ऐसे हैं, जिनमें लोगों का रहना अब भी जारी है। प्रशासन की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद कई भवनों को खाली नहीं कराया गया है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
इंदिरानगर, मुंशीपुलिया, देवीपुरवा, लालबाग, चौक, आलमबाग, ठाकुरगंज, मोहनलालगंज रोड और ट्रांसगोमती क्षेत्र सहित कई इलाकों में अवैध निर्माण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई जगहों पर नक्शे के विपरीत निर्माण, सरकारी जमीन पर कब्जा और नियमों की अनदेखी के आरोप भी लग रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ध्वस्तीकरण आदेशों का समयबद्ध पालन नहीं हुआ तो शहर में अवैध निर्माण की समस्या और गंभीर हो सकती है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।




