इंदिरा नगर क्षेत्र के शिवाजीपुरम में वर्षों से चोक सीवर लाइन बनी मुसीबत, बारिश में घरों में लौट रहा गंदा पानी!

लखनऊ। इंदिरानगर के प्रियदर्शनी वार्ड स्थित शिवाजीपुरम की गली नंबर-14 में बाबू जोध सिंह पार्क से गणेश लॉन तक चोक सीवर लाइन स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई वर्षों से चली आ रही इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों में लिखित शिकायतों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। तेज बारिश होने के करीब आधे घंटे के भीतर ही सड़क पर पानी भर जाता है। आरोप है कि सीवर ओवरफ्लो होने के कारण गली के कई घरों में लैट्रिन के पाट से गंदा और बदबूदार पानी वापस आने लगता है। लोगों का दावा है कि इस समस्या से करीब 10 घर सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।
16 अगस्त को दर्ज हुई शिकायत
स्थानीय निवासी डॉ. एसके सिंह द्वारा 16 अगस्त 2026 को सीवर समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का रिकॉर्ड नंबर 260816152755365572 है। शिकायत 16 अगस्त को सुबह 10:46 बजे दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि इसका SCRM नंबर C2026089028 बताया गया है। शिकायत के रिकॉर्ड में SUEZCS का भी उल्लेख है।
समिति के अध्यक्ष दिनेश शुक्ला ने बताया कि शिवाजीपुरम के लोगों की सीवर संबंधी समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद बारिश के दौरान घरों में गंदा और बदबूदार पानी भरने की समस्या बनी हुई है।
निरीक्षण के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
दिनेश शुक्ला के अनुसार, सुएज इंडिया की ओर से कई बार समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया और मौके पर एक-दो बार निरीक्षण भी किया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों का आरोप है कि सीवर सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि मुख्य सीवर लाइन की बड़ी मशीनों से प्रभावी ढंग से सफाई कराए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजकर सीवर लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए और आवश्यकता के अनुसार बड़ी मशीन से पूरी लाइन की सफाई कराई जाए।
पुरानी शिकायतों के निस्तारण पर भी सवाल
डॉ. एसके सिंह का कहना है कि उनके पास पुरानी शिकायतों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, उनके मोबाइल नंबर से संबंधित शिकायतों का रिकॉर्ड विभागीय स्तर पर खोजे जाने पर पूर्व में दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने पूर्व की कुछ शिकायतों के कथित तौर पर फर्जी निस्तारण की आशंका जताई है। हालांकि, यह शिकायतकर्ता का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हो सकती है।
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए, मुख्य सीवर लाइन की सफाई कराई जाए और जलभराव तथा घरों में सीवर का पानी वापस आने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है।




