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ईरान ने जारी की भारत समेत 5 मित्र देशों की सूची, कहा-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सिर्फ इनकी जहाजें गुजरने को अनुमति

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के साथ कुल 5 देशों की जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस लिस्ट में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक को शामिल किया है।

इजरायल और अमेरिका से भीषण जंग लड़ रहे ईरान ने अपने 5 मित्र देशों की सूची जारी की है, जिनकी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। ईरान की इस लिस्ट में भारत का नाम पहले नंबर पर है। ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक जैसे 5”मित्र देशों” को की लिस्ट जारी की है। ईरान ने इन सभी देशों को वाणिज्यिक नौवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

होर्मुज पर पूरी तरह ईरान का कब्जा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 25 फीसदी तेल और गैस का व्यापार होता है। ऐसे में यह अहम समुद्री व्यापार मार्ग है। फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कब्जा कायम है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलवाने के लिए यूरोप समेत अन्य देशों से अपनी सेना भेजने की अपील की थी, मगर कोई भी देश इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद ट्रंप ने दूसरा दांव आजमाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 48 घंटे में नहीं खोलने पर ईरान के पावर ग्रिड पर भीषण हमले की धमकी दी, लेकिन ईरान ने ऐसा करने पर मिडिल-ईस्ट में अमेरिका का पूरा पावर नेटवर्क खत्म करने की चेतावनी दी। इसके बाद ट्रंप ने अपनी धमकी और डेडलाइन को वापस ले लिया। ईरान होर्मुज से अपनी शर्तों पर किसी देश के जहाज को गुजरने दे रहा है।

ईरान ने होर्मुज से नहीं गुजरने दिया पाकिस्तान का टैंकर

ईरान ने अपनी लिस्ट में भले ही पाकिस्तान का भी नाम दिया हो, लेकिन बुधवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने पाकिस्तान के जहाज को होर्मुज से वापस कर दिया था। आईआरजीसी ने कहा था कि पाकिस्तान होर्मुज की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा, इसलिए उसकी जहाज को पास नहीं दिया गया।

ईरान के विदेश मंत्री ने किया ऐलान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने मित्र देशों में भारत को प्राथमिकता दी है। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने पूरी तरह बंद कर रखा है। इससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा नौवहन मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20-25 प्रतिशत तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया, भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

दुश्मनों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अराघची ने कहा, ”हमने अपने कुछ मित्र देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के तेल टैंकर और जहाजों को होर्मुज पास करने की इजाजत दी है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देशों के लिए होर्मुज अभी भी बंद रहेगा। अराघची ने कहा, ”हम युद्ध की स्थिति में हैं। यह क्षेत्र युद्ध क्षेत्र बना हुआ है और हमारे दुश्मनों एवं उनके सहयोगियों के पोतों को इससे गुजरने देने का कोई कारण नहीं है, लेकिन यह अन्य देशों के लिए खुला है।” होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक नौवहन में व्यवधान को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हैं।

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