
बाराबंकी। संस्था आमेन वेलफेयर फाउंडेशन, बाराबंकी के तत्वावधान में तथा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से प्रखर राष्ट्रवादी नेता, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्मशताब्दी के अवसर पर शहनाई पैलेस, सतरिख (बाराबंकी) में सेमिनार एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रौशन सिंह चंदन, प्रदेश प्रचारक (सनातन धर्म एवं गौ रक्षा) ने दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मुखर्जी के जीवन और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता के एक प्रतिष्ठित एवं शिक्षित बंगाली परिवार में हुआ था। मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने और उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया।
मुख्य वक्ता डॉ. शैलेन्द्र प्रसाद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अवध बार एसोसिएशन, उच्च न्यायालय लखनऊ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों और संघर्षों का भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनके द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ आगे चलकर भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण धारा बना। उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को आज भी प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम में संयुक्त सचिव प्रशासन, अवध बार एसोसिएशन लखनऊ गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बंगाल विधान परिषद से की थी। उन्होंने देशहित और राष्ट्रीय एकता को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
वहीं दिव्याशु सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुखर्जी की विचारधारा आज भी राष्ट्रहित और सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करती है।
इस अवसर पर डॉ. मेराज असारी, डॉ. तारिक जिलानी, फैज खुमार बाराबंकवी, प्रतिमा सिंह, विमा, आरएसएस महिला प्रकोष्ठ, एम.एच. सिद्दीकी, नेहा सिंह, प्राची सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान स्वारोही म्यूजिकल ग्रुप एवं उनकी टीम ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्मशताब्दी पर नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
संस्था के सचिव असगर अली ने बताया कि कार्यक्रम में आए सभी लोगों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई तथा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।




