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क्लाइमेट पर चर्चा का विश्व पर्यावरण महाअभियान सफल, पाँच दिनों तक चला जागरूकता और जनभागीदारी का अनूठा अभियान!

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर युवाओं द्वारा संचालित संस्था “क्लाइमेट पर चर्चा” ने अपने अनोखे 40 प्रतिशत चर्चा और 60 प्रतिशत एक्शन मॉडल के तहत पाँच दिवसीय विश्व पर्यावरण महाअभियान का सफल आयोजन किया। लगातार पाँच दिनों तक चले इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

अभियान की शुरुआत 1 जून को “पानी पर चर्चा” कार्यक्रम से हुई। इसके बाद क्रमशः “प्लास्टिक पर चर्चा”, “सॉइल कनेक्शन”, “ग्रीनप्रेन्योर समिट” तथा भव्य समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान अमीनाबाद इंटर कॉलेज में विभिन्न गतिविधियों, खेलों, कार्यशालाओं, क्विज प्रतियोगिताओं और सीड बॉल निर्माण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 60 विद्यार्थियों को “क्लाइमेट मित्र” बनने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान के अंतर्गत विभिन्न संगठनों के सहयोग से एक ऑनलाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसे माय भारत पोर्टल पर स्वीकृति प्राप्त हुई। इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

ग्रीनप्रेन्योर समिट कार्यक्रम में ज्योत्सना कौर हबीबुल्लाह, सीईओ, लखनऊ फार्मर्स मार्केट, ने युवाओं के साथ ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप और सतत विकास के अवसरों पर संवाद किया। वहीं, कार्यक्रम में आयोजित “मेडल ऑफ शेम” गतिविधि ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

अभियान का समापन गोमती रिवरफ्रंट पर आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ, जहाँ 50 से अधिक युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर ललित श्रीवास्तव की उपस्थिति में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा ईको-फ्रेंडली रंगोली का प्रदर्शन भी किया गया।

इस अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि इसके सभी कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के यूएन ग्लोबल एक्शन मैप पर सूचीबद्ध रहे। साथ ही कई राष्ट्रीय स्तर के संगठनों ने अभियान को डिजिटल सहयोग प्रदान किया।

क्लाइमेट पर चर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि जब विभिन्न सरकारी विभाग और संस्थाएँ अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं, तब यह संगठन युवाओं को जोड़ते हुए पर्यावरण जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास कर रहा है। उनका मानना है कि आज का युवा केवल पर्यावरण संरक्षण की बात नहीं कर रहा, बल्कि उसके लिए जमीनी स्तर पर कार्य भी कर रहा है।

अभियान की संपूर्ण योजना एवं सफल क्रियान्वयन में वशिष्ठ श्रीवास्तव, साराह, आशुतोष तिवारी, काजल सिंह, सुशांत उपाध्याय, कृष्णम, शिवा, शाकेब, अर्पिता सिंह, हर्ष तिवारी, हर्ष श्री, महिमा, प्रशस्ति, सुशील और आराध्य सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता इस बात का संकेत है कि आने वाली पीढ़ी एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी तरह तैयार है।

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