
लखनऊ : भीमराव अंबेडकर के 135वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर “खटिक यूनियन ऑफ नेशन सेवा समिति (कन सेवा समिति)” द्वारा अत्यंत भव्य, श्रद्धामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सेवा भाव और बाबा साहेब के विचारों के प्रचार-प्रसार का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में भंडारे का आयोजन, भक्ति एवं जागरूकता से जुड़े संगीत कार्यक्रम और सामाजिक संदेशों से ओत-प्रोत गतिविधियाँ प्रमुख आकर्षण रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। समिति के पदाधिकारियों, समाज के गणमान्य व्यक्तियों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर बाबा साहेब को नमन किया। “जय भीम” और “बाबा साहेब अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उनके महान कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जो कार्यक्रम का एक प्रमुख और आकर्षक हिस्सा रहा। भंडारे में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। समिति के सदस्यों ने स्वयं सेवा करते हुए सभी आगंतुकों को भोजन वितरित किया। इस भंडारे में विशेष रूप से गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्ग के लोगों को आमंत्रित किया गया, जिससे बाबा साहेब के “समानता और सेवा” के संदेश को साकार रूप दिया जा सके। भोजन की व्यवस्था अत्यंत व्यवस्थित और स्वच्छता के साथ की गई, जिससे सभी लोगों ने संतोषपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के साथ-साथ संगीत कार्यक्रम का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को और अधिक भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया। इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों एवं युवाओं ने बाबा साहेब के जीवन पर आधारित गीत, भजन और जागरूकता गीत प्रस्तुत किए। “भीम गीत” और सामाजिक जागरूकता से जुड़े गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। कई कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज में बाबा साहेब के संघर्षों और उपलब्धियों को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे लोगों के दिलों में उनके प्रति और अधिक सम्मान जागृत हुआ।
संगीत कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिनमें सामाजिक एकता, भाईचारा और समानता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा का संचार किया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज में व्याप्त भेदभाव और अन्याय के खिलाफ जो संघर्ष किया, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को संवारें और समाज के विकास में योगदान दें।
महिलाओं की भागीदारी भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाबा साहेब द्वारा महिलाओं को दिए गए अधिकारों को याद किया। कई महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज वे जिस सम्मान और अधिकार के साथ समाज में जी रही हैं, उसमें बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है।
कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा समाज के जरूरतमंद लोगों को कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण भी किया गया। यह पहल समाज सेवा के प्रति समिति की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही, बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए उन्हें पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।
समिति के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि यह समाज को जागरूक करने और एकजुट करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर उन्हें अपने जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलेंगे और समाज में समानता, शिक्षा और भाईचारे को बढ़ावा देंगे। समिति ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
इस प्रकार “खटिक यूनियन ऑफ नेशन सेवा समिति (कन सेवा समिति)” द्वारा आयोजित यह भव्य कार्यक्रम पूरी तरह सफल और प्रेरणादायक रहा। भंडारे और संगीत कार्यक्रम के माध्यम से न केवल लोगों को जोड़ा गया, बल्कि बाबा साहेब के विचारों को भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया गया। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरा और यह संदेश देने में सफल रहा कि सेवा, समानता और शिक्षा ही एक मजबूत और समृद्ध समाज की नींव है।




