
लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष को सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता, गौरक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं विस्तार के अभियान के रूप में मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में जन्म शताब्दी वर्ष का औपचारिक शुभारंभ 27 सितंबर 2026 को अपराह्न 2:30 बजे सीएमएस, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम से होगा।
विहिप की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि तथा विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में संत समाज, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र के प्रमुख लोगों, विहिप पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता प्रस्तावित है।
विहिप के अनुसार अशोक सिंघल ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन को व्यापक जनचर्चा और सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संत समाज, धार्मिक संगठनों और रामभक्तों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ उन्होंने हिंदू समाज के संगठन, भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक चेतना के जागरण के लिए कार्य किया।
वर्षभर चलेंगे सेवा और जनजागरण के कार्यक्रम
जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान सेवा कार्यों के विस्तार, वेद विद्यालयों के संरक्षण एवं संवर्धन, सामाजिक समरसता, गौरक्षा, संस्कार निर्माण तथा युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सामाजिक जागरण से संबंधित गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है।
विहिप का कहना है कि जन्म शताब्दी वर्ष को केवल स्मरण तक सीमित न रखते हुए अशोक सिंघल के विचारों और संकल्पों को सामाजिक कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने तथा महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने की बात कही गई है।
कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 27 सितंबर 2026
समय: अपराह्न 2:30 बजे
स्थान: CMS, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ
मुख्य अतिथि: योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
मुख्य वक्ता: मिलिंद परांडे, केंद्रीय संगठन महामंत्री, विश्व हिंदू परिषद




