लखनऊ में घर खरीदना होगा महंगा, आवास विकास की संपत्तियों के दाम 5-6% तक बढ़ाने की तैयारी !

लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। आवास विकास परिषद ने अपनी संपत्तियों की कीमतों में 5 से 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव जल्द ही बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलते ही नई दरें अप्रैल से लागू हो सकती हैं।
नई कास्टिंग गाइडलाइन के तहत तैयार किए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य परियोजनाओं की लागत और बाजार स्थितियों के अनुसार कीमतों को संतुलित करना बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्ताव अंतिम चरण में है और इसे बोर्ड से हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है।
लखनऊ की प्रमुख योजनाओं में सीमित बढ़ोतरी
राजधानी लखनऊ की चर्चित योजनाओं—अवध विहार और वृंदावन योजना—में कीमतों में हल्की बढ़ोतरी की तैयारी है। परिषद का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले से ही दरें संतुलित हैं, इसलिए खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
जहां सर्किल रेट ज्यादा, वहां राहत
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन योजनाओं में जमीन की कीमतें पहले से ही डीएम सर्किल रेट से अधिक हैं, वहां कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी। इससे ऐसे इलाकों में घर खरीदने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नई योजनाओं में बढ़ोतरी तय
प्रदेशभर में विकसित हो रही नई आवासीय योजनाओं में कीमत बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। इससे परिषद के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन आम खरीदार और निवेशकों की जेब पर असर पड़ सकता है।
खरीदारों पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती कीमतों के चलते मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, परिषद संतुलित वृद्धि के जरिए बाजार और खरीदारों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश में है।
अब सबकी नजर बोर्ड बैठक पर टिकी है, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में आवासीय संपत्तियों की नई दरें लागू हो जाएंगी।




