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लखनऊ में क्या है सच? दो लाख घुसपैठिए का दावा… लेकिन पुलिस को नहीं मिला एक भी बांग्लादेशी!

लखनऊ में बीते कई महीनों से चल रहे सघन सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को एक भी अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी नहीं मिला है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के अनुसार, शासन के निर्देश पर पांचों जोन में झुग्गी-झोपड़ियों और संवेदनशील इलाकों में दस्तावेजों की जांच की गई। ज्यादातर लोग असम के पाए गए और उनके कागजात वैध निकले। हालांकि ठाकुरगंज में एटीएस इनपुट पर नरगिस नामक महिला को जाली आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले लखनऊ की मेयर Sushma Kharkwal ने जनवरी 2025 में शहर में दो लाख संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या होने का दावा किया था। अब पुलिस रिपोर्ट के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। क्या आपको लगता है कि इस मुद्दे पर और पारदर्शी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए?




