
लखनऊ में जिला प्रशासन ने स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। ऐसा करने पर जांच के बाद 5 लाख रुपये तक जुर्माना या स्कूल की मान्यता रद्द तक की कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, अगले 5 साल तक यूनिफॉर्म में बदलाव पर रोक रहेगी और फीस बढ़ोतरी भी तय सीमा (CPI + 5%) से ज्यादा नहीं होगी। प्रशासन ने शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं, जिससे अभिभावकों को राहत मिल सके। क्या इस फैसले से स्कूलों की मनमानी सच में खत्म होगी या फिर कोई नया तरीका निकल आएगा?




