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कर्मचारियों के घरों में जबरन मीटर लगाने का आरोप, स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल!

यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद गहरा गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि बिजली कर्मचारियों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उनकी रियायती बिजली सुविधा समाप्त की जा रही है। संगठन का कहना है कि यह 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्त के साथ हुए लिखित समझौते और पावर सेक्टर रिफॉर्म एक्ट का उल्लंघन है। वहीं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने के आरोप भी लगे हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आशंका जताई है कि भविष्य में तकनीकी उन्नयन का खर्च उपभोक्ताओं से वसूला जा सकता है। 26 फरवरी को लखनऊ में प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।




