टेक्नोलॉजीयूपीराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़
CAG का बड़ा खुलासा! महानगर स्टेशन बिना अनुमति हटाया गया, 22 स्टेशन मंजूर… बना सिर्फ 21

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की फेज-1ए परियोजना में स्वीकृत 22 स्टेशनों के बजाय केवल 21 स्टेशन बनाए गए और महानगर मेट्रो स्टेशन को बिना केंद्र या राज्य सरकार की अनुमति के परियोजना से हटा दिया गया, जबकि उस क्षेत्र की यात्री क्षमता काफी अधिक थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत सरकार की स्वीकृति की कई शर्तों का पालन नहीं हुआ, विवादित जमीन पर मेट्रो डिपो का निर्माण कराया गया और संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र का समय पर नवीनीकरण नहीं किया गया, जिससे परियोजना की पारदर्शिता और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आपकी क्या राय है? क्या इतने बड़े प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और जवाबदेही और सख्त होनी चाहिए?




