विश्व एनजीओ दिवस पर क्लाइमेट पर चर्चा ने शुरू किया 11,000 पौधारोपण अभियान – “एक पेड़ माँ के नाम” का शुभारंभ

लखनऊ: विश्व NGO दिवस के पावन अवसर पर क्लाइमेट पर चर्चा द्वारा 11,000 पौधारोपण अभियान – “एक पेड़ माँ के नाम” के प्रथम चरण का शुभारंभ गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में रामलीला मैदान, सेक्टर सी, श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, महानगर, लखनऊ में सम्पन्न हुआ।

लखनऊ शहर वर्तमान में बढ़ते वायु प्रदूषण संकट का सामना कर रहा है। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए Climate Par Charcha ने संकल्प लिया है कि इस अभियान के अंतर्गत शहर के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों तथा सिटी सेंटर क्षेत्रों में बडे स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा, ताकि हरियाली बढ़े, वायु गुणवत्ता में सुधार हो और नागरिकों को स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण प्राप्त हो।

कार्यक्रम पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ – कौशिक चैतन्य महाराज, जिनके आशीर्वचन ने उपस्थित सभी लोगों को प्रकृति संरक्षण हेतू प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथिगणः मुख्य अतिथि विजय प्रताप संगठन मंत्री, विश्व हिन्दू परिषद, अवध प्रांत विशिष्ट अतिथि अजय कुमार पाण्डेय मंडल उपाध्यक्ष, लखनऊ पूर्वी ३ एवं जी डी शुक्ला वरिष्ठ भाजपा नेता, लखनऊ रहे, अपने संबोधन में अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

क्लाइमेट पर चर्चा की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गयाः “यह केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है। जब हम ‘एक पेड़़ माँ के नाम’ लगाते हैं, तो हम केवल प्रकृति को नहीं, अपने संस्कारों, अपनी जडों और अपने भविष्य को सींचते हैं।”यह अभियान संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGS 13, 11 और 15) के अनुरूप है इनका का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण, निगरानी और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से एक स्थायी हरित मॉडल तैयार करना है।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम आयोजक वशिष्ठ श्रीवास्तव के नेतृत्व में डुआ। सह-आयोजक के रूप में आशुतोष तिवारी, काजल सिंह , शिवा , तपेंद्र और संस्थापिका सराह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन में एनोनिमस होप फाउंडेशन , सरल फाउंडेशन . अग्रसर फाउंडेशन एवं टी जी पी कम्युनिटी के लोग उपस्थित रहे।इस प्रथम चरण के साथ 1 1,000 पौधों के लक्ष्य की ओर एक सशक्त कदम बढ़ाया गया है। यह पहल शहर में बढ़ते प्रदूषण के बीच एक सकारात्मक, सामूहिक और समाधान-आधारित प्रयास के रूप में देखी जा रही है।





