UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ‘कुछ कहना नहीं…’
UGC रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया है।

Deputy CM Keshav Prasad Maurya on Supreme Court stay on UGC Act 2026: सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर रोक लगाने पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “UGC ने जो आदेश जारी किया था, उस पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले पर कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है, आदेश का सरकार पालन करेगी।”
पहले क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC इक्विटी रेगुलेशन पर रोक लगाने पर शुरुआत में मीडिया से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “देश की सर्वोच्च अदालत का जो भी आदेश होगा वह खुशी की बात है।”
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) रेगुलेशन पर रोक लगा दी है, जिसे 23 जनवरी, 2026 को नोटिफाई किया गया था। इसे कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी।
क्यों विवादों में था UGC का नया नियम?
UGC के इन नए नियमों को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ये नियम मनमाने हैं और इनमें भेदभाव की संभावना है। इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये नियम न केवल संविधान के खिलाफ हैं, बल्कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का भी उल्लंघन करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों पर रोक लगा दी है। अब अगली सुनवाई में कोर्ट इस मामले पर विस्तार से विचार करेगा। तब तक UGC के नए नियम लागू नहीं होंगे।




