“77 मिनट, एक संकल्प: युवाओं ने तिरंगे की रचनात्मक अभिव्यक्ति से 77वें गणतंत्र दिवस पर समाज और पर्यावरण के लिए रचा नया इतिहास”

काग़ज़ी झंडों के बढ़ते उपयोग और उससे उत्पन्न कचरे को कम करने के उद्देश्य से युवाओं ने इस वर्ष देशभक्ति को एक नवाचारपूर्ण और पर्यावरण–अनुकूल रूप में प्रस्तुत किया। तिरंगे की फेस पेंटिंग के माध्यम से युवाओं ने यह सशक्त संदेश दिया कि देशप्रेम केवल प्रतीकों में नहीं, बल्कि जिम्मेदार विकल्पों में दिखाई देता है। यह पहल दर्शाती है कि आज का युवा हर अवसर पर रचनात्मक और प्रभावशाली तरीकों से बदलाव की दिशा तय करता है।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लखनऊ में Climate Par Charcha और Fridays For Future Lucknow के संयुक्त तत्वावधान में “77 मिनट – समाज और पर्यावरण के लिए” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरी तरह से युवाओं द्वारा संगठित और संचालित इस पहल ने यह साबित किया कि युवा केवल जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
77 मिनट की इस विशेष पहल के अंतर्गत शहीदों को श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता का संदेश, AQI जागरूकता रैली, नदी सफ़ाई अभियान, ज़रूरतमंदों को सर्दी से बचाव हेतु मोज़े व टोपी का वितरण तथा युवा सामूहिक संवाद जैसे महत्वपूर्ण ऑन-ग्राउंड एक्शन केडी सिंह बाबू मार्ग से मनकामेश्वर घाट पर किया गया। और वितरण निराला नगर पर किया गया । इन सभी गतिविधियों ने यह स्पष्ट किया कि आज लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे देश को ऐसे ही सक्रिय, सामूहिक और ज़मीनी प्रयासों की आवश्यकता है।

इस प्रेरणादायक आयोजन को सफल बनाने में निम्न संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा: फ़्राइडेज फॉर फ्यूचर लखनऊ , एनोनिमस होप फाउंडेशन , अग्रसर फाउंडेशन , सरलम फाउंडेशन , उम्मीद लखनऊ एवं अन्य एनजीओ उपस्थित रहे।
“77 मिनट – समाज और पर्यावरण के लिए” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है—कि जब युवाओं को नेतृत्व, मंच और विश्वास मिलता है, तो वे हर बार नवाचार, संवेदना और संकल्प के साथ बदलाव की मिसाल कायम करते हैं।




